Bible 2 India Mobile
[VER] : [URDU]     [PL]  [PB] 
 <<  Revelation 22 >> 

1फिर उसने मुझे बिल्लौर की तरह चमकता हुआ आब-ए-हयात का एक दरिया दिखाया, जो खुदा और बर्रे के तख्त से निकल कर उस शहर की सड़क के बीच में बहता था |

2और दरिया के पार ज़िन्दगी का दरख्त था | उसमें बारह किस्म के फल आते थे और हर महीने में फलता था, और उस दरख्त के पतों से कौमों को शिफ़ा होती थी |

3और फिर ला'नत न होगी, और खुदा और बर्रे का तख्त उस शहर में होगा, और उसके बन्दे उसकी 'इबादत करेंगे |

4और वो उसका मुँह देखेंगे, और उसका नाम उनके माथों पर लिखा हुआ होगा |

5और फिर रात न होगी, और वो चिराग़ और सूरज की रौशनी के मुहताज न होंगे, क्यूँकि खुदावन्द खुदा उनको रौशन करेगा और वो हमेशा से हमेश तक बादशाही करेंगे |

6फिर उसने मुझ से कहा, "ये बातें सच और बरहक़ हैं; चुनाँचे खुदावन्द ने जो नबियों की रूहों का खुदा है, अपने फरिश्ते को इसलिए भेजा कि अपने बन्दों को वो बातें दिखाए जिनका जल्द होना ज़रूर है |"

7"और देख मैं जल्द आने वाला हूँ | मुबारक है वो जो इस किताब की नबुव्वत की बातो पर 'अमल करता है |"

8मैं वही युहन्ना हूँ, जो इन बातों को सुनता और देखता था; और जब मैंने सुना और देखा, तो जिस फरिश्ते ने मुझे ये बातें दिखाई, मैं उसके पैर पर सिज्दा करने को गिरा |

9उसने मुझ से कहा, "खबरदार ! ऐसा न कर, मैं भी तेरा और तेरे नबियों और इस किताब की बातो पर 'अमल करनेवालों का हम ख़िदमत हूँ | खुदा ही को सिज्दा कर |

10फिर उसने मुझ से कहा, "इस किताब की नबुव्वत की बातों को छुपाए न रख; क्यूँकि वक़्त नज़दीक है,

11जो बुराई करता है, वो बुराई ही करता जाए; और जो नजिस है, वो नजिस ही होता जाए; और जो रास्तबाज़ है, वो रास्तबाज़ी करता जाए; और जो पाक है, वो पाक ही होता जाए |"

12"देख, मैं जल्द आने वाला हूँ; और हर एक के काम के मुताबिक देने के लिए बदला मेरे पास है |

13मैं अल्फ़ा और ओमेगा, पहला और आखिर, इब्तिदा और इन्तहा हूँ |"

14मुबारक है वो जो अपने जामे धोते हैं, क्यूँकि ज़िन्दगी के दरख्त के पास आने का इख्तियार पाएँगे, और उन दरवाजों से शहर में दाख़िल होंगे |

15मगर कुत्ते , और जादूगर, और हरामकार, और खूनी, और बुत परस्त, और झूटी बात का हर एक पसन्द करने और गढ़ने वाला बाहर रहेगा |

16"मुझ ईसा' ने, अपना फरिश्ता इसलिए भेजा कि कलीसियाओं के बारे में तुम्हारे आगे इन बातों की गवाही दे | मैं दाऊद की अस्ल-ओ-नस्ल और सुबह का चमकता हुआ सितारा हूँ |"

17और रूह और दुल्हन कहती हैं, "आ |" और सुननेवाला भी कहे, "आ |" "आ |" और जो प्यासा हो वो आए, और जो कोई चाहे आब-ए-हयात मुफ्त ले |

18मैं हर एक आदमी के आगे, जो इस किताब की नबुव्वत की बातें सुनता है, गवाही देता हूँ : अगर कोई आदमी इनमें कुछ बढ़ाए, तो ख़ुदा इस किताब में लिखी हुई आफ़तें उस पर नाज़िल करेगा |

19और अगर कोई इस नबुव्वत की किताब की बातों में से कुछ निकाल डाले, तो खुदा उस ज़िन्दगी के दरख्त और मुकद्दस शहर में से, जिनका इस किताब में ज़िक्र है, उसका हिस्सा निकाल डालेगा | "

20जो इन बातों की गवाही देता है वो ये कहता है, "बेशक, मैं जल्द आने वाला हूँ |" आमीन ! ऐ खुदावन्द ईसा ' आ !

21खुदावन्द ईसा ' का फ़ज़ल मुकद्द्सों के साथ रहे | आमीन |


  Share Facebook  |  Share Twitter

 <<  Revelation 22 >> 


Bible2india.com
© 2010-2025
Help
Dual Panel

Laporan Masalah/Saran