1और यरूशलीम के बाशिंदों ने उसके सबसे छोटे बेटे अख़ज़ियाह को उसकी जगह बादशाह बनाया; क्यूँकि लोगों के उस जथे ने जो 'अरबों के साथ छावनी में आया था, सब बड़े बेटों को क़त्ल कर दिया था। सो शाह-ए- यहूदाह यहूराम का बेटा अख़ज़ियाह बादशाह हुआ।
2अख़ज़ियाह बयालीस' बरस का था जब वह सल्तनत करने लगा, और उसने यरूशलीम में एक बरस सल्तनत की। उसकी माँ का नाम 'अतलियाह था, जो 'उमरी की बेटी थी।
3वह भी अख़ीअब के खान्दान की राह पर चला, क्यूँकि उसकी माँ उसको बदी की मश्वरत देती थी।
4उसने ख़ुदावन्द की नज़र में बदी की जैसा अख़ीअब के ख़ान्दान ने किया था, क्यूँकि उसके बाप के मरने के बा'द वही उसके मुशीर थे, जिससे उसकी बर्बादी हुई।
5और उसने उनके मश्वरे पर 'अमल भी किया, और शाह-ए-इस्राईल अख़ीअब के बेटे यहूराम के साथ शाह-ए-अराम हज़ाएल से रामात जिल'आद में लड़ने को गया, और अरामियों ने यहूराम को ज़ख़्मी किया;
6और वह यज़र'ऐल को उन ज़ख़्मों के 'इलाज के लिए लौटा जो उसे रामा में शाह-ए-अराम हज़ाएल के साथ लड़ते वक़्त उन लोगों के हाथ से लगे थे, और शाह-ए-यहूदाह यहूराम का बेटा 'अज़रियाह, यहूराम बिन अख़ीअब को यज़र'एल में देखने गया क्यूँकि वह बीमार था।
7अख़ज़ियाह की हलाकत ख़ुदा की तरफ़ से यूँ हुई कि वह यहूराम के पास गया, क्यूँकि जब वह पहुँचा तो यहूराम के साथ याहू बिन निमसी से लड़ने को गया, जिसे ख़ुदावन्द ने अख़ीअब के ख़ान्दान को काट डालने के लिए मसह किया था।
8और जब याहू अख़ीअब के खानदान को सज़ा दे रहा था तो उसने यहूदाह के सरदारों और अख़ज़ियाह के भाइयों के बेटों को अख़ज़ियाह की ख़िदमत करते पाया और उनको क़त्ल किया।
9और उसने अख़ज़ियाह को ढूंढा एह सामरिया में छिपा था सो वह उसे पकड़ कर याहू के पास लाये और उसे क़त्ल किया और उन्होंने उसे दफ़न किया क्यूँकि वह कहने लगे, "वह यहूसफ़त का बेटा है,जो अपने सारे दिल से ख़ुदावन्द का तालिब रहा।” और अख़ज़ियाह के घराने में सल्तनत संभालने की ताक़त किसी में न रही।
10जब अख़ज़ियाह की माँ 'अतलियाह ने देखा के उसका बेटा मर गया, तो उसने उठ कर यहूदाह के घराने की सारी शाही नस्ल को नाबूद कर दिया।
11लेकिन बादशाह की बेटी यहूसब'अत अख़ज़ियाह के बेटे यूआस को बादशाह के बेटों के बीच से जो क़त्ल किए गए, चुरा ले गई और उसे और उसकी दाया को बिस्तरों की कोठरी में रखा। सो यहूराम बादशाह की बेटी यहूयदा'' काहिन की बीवी यहूसब'अत ने (चूँकि वह अख़ज़ियाह की बहन थी) उसे अतलियाह से ऐसा छिपाया कि वह उसे क़त्ल करने न पायी |
12और वह उनके पास ख़ुदा की हैकल में छ: बरस तक छिपा रहा, और 'अतलियाह मुल्क पर हुकूमत करती रही।