1और उसका बेटा यहूसफ़त उसकी जगह . बादशाह हुआ, अौर उसने इस्राईल के मुक़ाबिल अपने आपको क़वी किया।
2उसने यहूदाह के सब फ़सीलदार शहरों में फ़ौजें रखी, और यहूदाह के मुल्क में और इफ़्राईम के उन शहरों में जिनको उसके बाप आसा ने ले लिया था, चौकियाँ बिठाई।
3और ख़ुदावन्द यहूसफ़त के साथ था, क्यूँकि उसकी रविश उसके बाप दाऊद के पहले तरीकों पर थी, और वह बालीम का तालिब न हुआ,
4बल्कि अपने बाप-दादा के ख़ुदा का तालिब हुआ और उसके हुक्मों पर चलता रहा, और इस्राईल के से काम न किए।
5इसलिए ख़ुदावन्द ने उसके हाथ में सल्तनत को मुसतहकम किया; और सारा यहूदाह यहूसफ़त के पास हदिए लाया,और उसकी दौलत और इज़्ज़त बहुत फ़िरावान हुई|
6उसका दिल ख़ुदावन्द की राहों में बहुत मसरूर था, और उसने ऊँचे मक़ामों और यसीरतों को यहूदाह में से दूर कर दिया।
7और अपनी सल्तनत के तीसरे बरस उसने बिनखैल और अबदियाह और ज़करियाह और नतनीएल और मीकायाह को, जो उसके उमरा थे, यहूदाह के शहरों में तालीम देने को भेजा:
8और उनके साथ ये लावी थे या'नी समा'याह और नतनियाह और ज़बदियाह और 'असाहेल और समीरामोत और यहूनतन और अदूनियाह और तूबियाह और तूब अदूनियाह लावियों में से, और इनके साथ इलीसमा' और यहूराम काहिनों में से थे।
9सो उन्होंने ख़ुदावन्द की शरी'अत की किताब साथ रख कर यहूदाह को तालीम दी, और वह यहूदाह के सब शहरों में गए और लोगों को तालीम दी।
10और ख़ुदावन्द का ख़ौफ़ यहूदाह के गिर्दा गिर्द के मुमालिक की सब सल्तनतों पर छा गया, यहाँ तक कि उन्होंने यहूसफ़त से कभी जंग न की।
11बाज़ फ़िलिस्ती यहूसफ़त के पास हदिए और ख़िराज में चाँदी लाए, और 'अरब के लोग भी उसके पास रेवड़ लाए, या'नी सात हज़ार सात सौ मेंढे और सात हज़ार सात सौ बकरे।
12और यहूसफ़त बहुत ही बढ़ा और उसने यहूदाह में क़िले' और ज़ख़ीरे के शहर बनाए,
13और यहूदाह के शहरों में उसके बहुत से कारोबार और यरूशलीम में उसके जंगी मर्द या'नी ज़बरदस्त सूर्मा थे,
14और उनका शुमार अपने अपने आबाई ख़ान्दान के मुवाफ़िक्र ये था : यहूदाह में से हज़ारों के सरदार ये थे, सरदार 'अदना और उसके साथ तीन लाख ज़बरदस्त सूर्मा,
15और उससे दूसरे दर्जे पर सरदार यहूहनान और उसके साथ दो लाख अस्सी हज़ार,
16और उससे नीचे 'अमसियाह बिन ज़िकरी था, जिसने अपने को बख़ुशी ख़ुदावन्द के लिए पेश किया था, और उस के साथ दो लाख ज़बरदस्त सूर्मा थे;
17और बिनयमीन में से, इलीदा' एक ज़बरदस्त सूर्मा था और उसके साथ कमान और सिपर से मुसल्लह दो लाख थे;
18और उससे नीचे यहूज़बद था, और उसके साथ एक लाख अस्सी हज़ार थे जो जंग के लिए तैयार रहते थे।
19ये बादशाह के ख़िदमतगुज़ार थे, और उनसे अलग थे जिनको बादशाह ने तमाम यहूदाह के फ़सीलदार शहरों में रख्खा था।