1और इस्राईल का बादशाह बाशा यहूदाह पर चढ़ आया, और रामा को तामीर किया ताकि यहूदाह के बादशाह आसा के हाँ किसी को आने-जाने न दे।
2तब आसा ने ख़ुदावन्द के घर और शाही महल के खज़ानों में से चाँदी और सोना निकालकर, अराम के बादशाह बिन-हदद के पास जो दमिश्क में रहता था रवाना किया और कहला भेजा कि
3मेरे और तेरे दर्मियान और मेरे बाप और तेरे बाप के दर्मियान 'अहद-ओ-पैमान है; देख, मैंने तेरे लिए चाँदी और सोना भेजा है, सो तू जाकर शाह-ए-इस्राईल बाशा से 'अहद शिकनी कर ताकि वह मेरे पास से चला जाए।
4और बिन-हदद ने आसा बादशाह की बात मानी और अपने लश्करों के सरदारों को इस्राईली शहरों पर चढ़ाई करने को भेजा, सो उन्होंने 'अयून और दान और अबीलमाइम और नफ़्ताली के जखीरे के सब शहरों की गारत किया।
5जब बाशा ने ये सुना तो रामा का बनाना छोड़ा, और अपना काम बंद कर दिया।
6तब आसा बादशाह ने सारे यहूदाह को साथ लिया, और वह रामा के पत्थरों और लकड़ियों को जिनसे बाशा तामीर कर रहा था उठा ले गए, और उसने उनसे जिब'आ और मिस्फाह को तामीर किया।
7उस वक़्त हनानी गैबबीन यहूदाह के बादशाह आसा के पास आकर कहने लगा, "चूँकि तू ने अराम के बादशाह पर भरोसा किया और ख़ुदावन्द अपने ख़ुदा पर भरोसा नहीं रख्खा, इसी सबब से अराम के बादशाह का लश्कर तेरे हाथ से बच निकला है।
8क्या कूशी और लूबी अम्बोह-ए-कसीर न थे, जिनके साथ गाड़ियाँ और सवार बड़ी कसरत से थे? तौ भी चूँकि तू ने ख़ुदावन्द पर भरोसा रख्खा, उसने उनको तेरे हाथ में कर दिया;
9क्यूँकि ख़ुदावन्द की आँखें सारी ज़मीन पर फिरती हैं, ताकि वह उनकी इमदाद में जिनका दिल उसकी तरफ़ कामिल है, अपने तई कवी दिखाए। इस बात में तू ने बेवकूफ़ी की, क्यूँकि अब से तेरे लिए जंग ही जंग है।"
10तब आसा ने उस गैबबीन से खफ़ा होकर उसे कैदखाने में डाल दिया, क्यूँकि वह उस कलाम के सबब से निहायत ग़ज़बनाक हुआ; और आसा ने उस वक़्त लोगों में से बा'ज़ औरों पर भी जुल्म किया।
11और देखो, आसा के काम शुरू' से आखिर तक यहूदाह और इस्राईल के बादशाहों की किताब में कलमबन्द हैं।
12और आसा की सल्तनत के उनतालीसवें बरस उसके पाँव में एक रोग लगा और वह रोग बहुत बढ़ गया, तौ भी अपनी बीमारी में वह ख़ुदावन्द का तालिब नहीं बल्कि तबीबों का ख़्वाहाँ हुआ।
13और आसा अपने बाप-दादा के साथ सो गया; उसने अपनी सल्तनत के इकतालीसवें बरस में वफ़ात पाई।
14उन्होंने उसे उन कब्रों में, जो उसने अपने लिए दाऊद के शहर में खुदवाई थीं दफ़्न किया। उसे उस ताबूत में लिटा दिया जो इत्रों और क़िस्म क़िस्म के मसाल्हे से भरा था, जिनको 'अतारों की हिकमत के मुताबिक़ तैयार किया था, और उन्होंने उसके लिए उनको ख़ूब जलाया।