Bible 2 India Mobile
[VER] : [URDU]     [PL]  [PB] 
 <<  1 Samuel 31 >> 

1और फ़िलिस्ती इस्राईल से लड़े और इस्राईली जवान फ़िलिस्तियों के सामने से भागे और पहाड़ी -ए-जिल्बू'आ में क़त्ल होकर गिरे |

2और फ़िलिस्तियों ने साऊल और उसके बेटों का ख़ूब पीछा किया और फ़िलिस्तियों ने साऊल के बेटों यूनतन और अबीनदाब ,और मलकीशु'अ को मार डाला |

3और यह जंग साऊल पर निहायत भारी हो गई और तीर अंदाज़ो ने उसे पा लिया और वह तीर अंदाज़ों की वजह से सख़्त मुश्किल में पड़ गया |

4तब साऊल ने अपने सिलाह बरदार से कहा, "अपनी तलवार खींच और उससे मुझे छेद दे ऐसा न हो कि यह नामख़्तून आएँ और मुझे छेद लें ,और मुझे बे 'इज्ज़त करें लेकिन उसके सिलाह बरदार ऐसा करना न चाहा,क्यूँकि वह बहुत डर गया था इस लिए साऊल ने अपनी तलवार ली और उस पर गिरा |

5जब उसके सिलाह बरदार ने देखा ,कि साऊल मर गया तो वह भी अपनी तलवार पर गिरा और उसके साथ मर गया |

6इसलिए साऊल और उसके तीनों बेटे और उसका सिलाह बरदार और उसके सब लोग उसी दिन एक साथ मर मिटे |

7जब उन इस्राईली मर्दों ने जो उस वादी की दूसरी तरफ़ और यरदन के पार थे यह देखा कि इस्राईल के लोग भाग गए और साऊल और उसके बेटे मर गए तो वह शहरों को छोड़ कर भाग निकले और फ़िलिस्ती आए और उन में रहने लगे |

8दूसरे दिन जब फ़िलिस्ती लाशों के कपड़े उतारने आए तो उन्होंने साऊल और उसके तीनों बेटों को कोहे जिल्बू'आ पर मुर्दा पाया |

9इसलिए उन्होंने उसका सर काट लिया और उसके हथियार उतार लिए और फ़िलिस्तियों के मुल्क में क़ासिद रावाना कर दिए ,ताकि उनके बुतख़ानों और लोगों को यह ख़ुश ख़बरी पहूँचा दें |

10इसलिए उन्होंने उसके हथियारों को 'अस्तारात के मन्दिर में रख्खा और उसकी लाश को बैत शान की दीवार पर जड़ दिया |

11जब यबीस जिल'आद के बाशिंदों ने इसके बारे में वह बात जो फ़िलिस्तियों ने साऊल से की सुनी |

12तो सब बहादुर उठे ,और रातों रात जाकर साऊल और उसके बेटों की लाशें बैत शान की दीवार पर से ले आए और यबीस में पहुँच कर वहाँ उनको जला दिया |

13और उनकी हड्डियाँ लेकर यबीस में झाऊ के दरख़्त के नीचे दफ़न कीं और सात दिन तक रोज़ह रख्खा |


  Share Facebook  |  Share Twitter

 <<  1 Samuel 31 >> 


Bible2india.com
© 2010-2025
Help
Dual Panel

Laporan Masalah/Saran