Bible 2 India Mobile
[VER] : [URDU]     [PL]  [PB] 
 <<  1 Samuel 23 >> 

1और उन्होंने दाऊद को ख़बर दी कि "देख ,फ़िलिस्ती क़'ईला से लड़ रहे हैं और खलिहानों को लूट रहे हैं |"

2तब दाऊद ने ख़ुदावन्द से पूछा कि "क्या मैं जाऊँ और उन फ़िलिस्तियों को मारूं?" ख़ुदावन्द ने दाऊद को फ़रमाया, "जा फ़िलिस्तियों को मार और क़'ईला को बचा|"

3और दाऊद के लोगों ने उससे कहा कि "देख ,हम तो यहीं यहूदाह में डरते हैं ,पस हम क़'ईला को जाकर फ़िलिस्ती लशकरों का सामना करें तो कितना ज़्यादा न डर लगेगा|?"

4तब दाऊद ने ख़ुदावन्द से फिर सवाल किया ,ख़ुदावन्द ने जवाब दिया कि "उठ क़'ईला को जा क्यूँकि मैं फ़िलिस्तियों को तेरे क़ब्ज़े में कर दूँगा|"

5इसलिए दाऊद और उसके लोग क़'ईला को गए और फ़िलिस्तियों से लड़े और उनकी मवाशी ले आए और उनको बड़ी खूँरेज़ी के साथ क़त्ल किया ,यूँ दाऊद ने क़'ईलियों को बचाया |

6जब अख़ीमलिक का बेटा अबीयातर दाऊद के पास क़'ईला को भागा तो उसके हाथ में एक अफ़ूद था जिसे वह साथ ले गया था |

7और साऊल को ख़बर हुई कि दाऊद क़'ईला में आया है इसलिए साऊल कहने लगा कि "ख़ुदा ने उसे मेरे क़ब्ज़े में कर दिया क्यूँकि वह जो ऐसे शहर में घुसा है ,जिस में फाटक और अड़बंगे हैं तो कैद हो गया है|"

8और साऊल ने जंग के लिए अपने सारे लश्कर को बुला लिया ताकि क़'ईला में जाकर दाऊद और उसके लोगों को घेर ले |

9और दाऊद को मा'लूम हो गया कि साऊल उसके ख़िलाफ़ बुराई की तदबीरें कर रहा है ,इसलिए उसने अबीयातर काहिन से कहा कि "अफ़ूद यहाँ ले आ|"

10और दाऊद ने कहा, "ऐ ख़ुदावन्द इस्राईल के ख़ुदा तेरे बन्दा ने यह क़त'ई सुना है कि साऊल क़'ईला को आना चाहता है ताकि मेरी वजह से शहर को बरबाद करदे |

11तब क्या क़'ईला के लोग मुझ को उसके हवाले कर देंगे ?क्या साऊल जैसा तेरे बन्दा ने सुना है आएगा ?ऐ ख़ुदावन्द इस्राईल के ख़ुदा मैं तेरी मिन्नत करता हूँ कि तू अपने बन्दा को बता दे" ख़ुदावन्द ने कहा, "वह आएगा|"

12तब दाऊद ने कहा कि "क्या क़'ईला के लोग मुझे और मेरे लोगों को साऊल के हवाले कर देंगे?" ख़ुदावन्द ने कहा, "वह तुझे हवाले कर देंगे|"

13तब दाऊद और उसके लोग जो क़रीबन छ: सौ थे उठकर क़'ईला से निकल गए और जहाँ कहीं जा सके चल दिए और साऊल को ख़बर मिली कि दाऊद क़'ईला से निकल गया पस वह जाने से बाज़ रहा |

14और दाऊद ने वीरान के किलों' में सुकूनत की और दश्त ऐ जीफ़ के पहाड़ी मुल्क में रहा,और साऊल हर रोज़ उसकी तलाश में रहा,पर ख़ुदावन्द ने उसको उसके क़ब्ज़े में हवाले न किया |

15और दाऊद ने देखा कि साऊल उसकी जान लेने को निकला है,उस वक़्त दाऊद दश्त ऐ जीफ़ के बन में था |

16और साऊल का बेटा यूनतन उठकर दाऊद के पास बन में गया और ख़ुदा में उसका हाथ मज़बूत किया |

17उसने उससे कहा, "तू मत डर क्यूँकि तू मेरे बाप साऊल के हाथ में नहीं पड़ेगा और तू इस्राईल का बादशाह होगा और में तुझ से दूसरे दर्जा पर हूँगा ,यह मेरे बाप साऊल को भी मा'लूम है|"

18और उन दोनों ने ख़ुदावन्द के आगे 'अहद ओ पैमान किया और दाऊद बन में ठहरा रहा ,और यूनतन अपने घर को गया |

19तब जीफ़ के लोग जिबा' में साऊल के पास जाकर कहने लगे, "क्या दाऊद हमारे बीच कोहे ह्कीला के बन के किलों' में जंगल के जुनूब की तरफ़ छिपा नही है ?|

20इसलिए अब ऐ बादशाह तेरे दिल को जो बड़ी आरजू आने की है उसके मुताबिक़ आ और उसको बादशाह के हाथ में हवाले करना हमारा ज़िम्मा रहा|"

21तब साऊल ने कहा, "ख़ुदावन्द की तरफ़ से तुम मुबारक हो क्यूँकि तुमने मुझ पर रहम किया|

22इसलिए अब ज़रा जाकर सब कुछ और पक्का कर लो और उसकी जगह को देख, कर जान लो कि उसका ठिकाना कहाँ है, और किसने उसे वहाँ देखा है,क्यूँकि मुझ से कहा,गया है कि वह बड़ी चालाकी से काम करता है|

23इसलिए तुम देख भाल कर जहाँ जहाँ वह छिपा करता है उन ठिकानों का पता लगा कर ज़रूर मेरे पास फिर आओ और मैं तुम्हारे साथ चलूँगा और अगर वह इस मुल्क में कहीं भी हो तो में उसे यहूदाह के हज़ारों हज़ार में से ढूँड निकालूं गा|"

24इसलिए वह उठे और साऊल से पहले जीफ़ को गए लेकिन दाऊद और उसके लोग म'ऊन के वीरान में थे जो जंगल के जुनूब की तरफ़ मैदान में था |

25और साऊल और उसके लोग उसकी तलाश में निकले और दाऊद को ख़बर पहुँची ,इसलिए वह चट्टान पर से उतर आया और म'ऊन के वीरान में रहने लगा ,और साऊल ने यह सुनकर म'ऊन के वीरान में दाऊद का पीछा किया |

26और साऊल पहाड़ की इस तरफ़ और दाऊद और उसके लोग पहाड़ की उस तरफ़ चल रहे थे ,और दाऊद साऊल के खौफ़ से निकल जाने की जल्दी कर रहा ,था इसलिए कि साऊल और उसके लोगों ने दाऊद को और उसके लोगों को पकड़ने के लिए घेर लिया था |

27लेकिन एक क़ासिद ने आकर साऊल से कहा कि "जल्दी चल क्यूँकि फ़िलिस्तियों ने मुल्क पर हमला किया है|"

28इसलिए साऊल दाऊद का पीछा छोड़ कर फ़िलिस्तियों का मुक़ाबिला करने को गया इसलिए उन्होंने उस जगह का नाम सिला'हम्मख़ल्कोत रख्खा |

29और दाऊद वहाँ से चला गया और 'ऐन जदी के किलों'में रहने लगा |


  Share Facebook  |  Share Twitter

 <<  1 Samuel 23 >> 


Bible2india.com
© 2010-2025
Help
Dual Panel

Laporan Masalah/Saran