Bible 2 India Mobile
[VER] : [URDU]     [PL]  [PB] 
 <<  1 Peter 5 >> 

1तुम में जो बुज़ुर्ग हैं, मैं उनकी तरह बुज़ुर्ग और मसीह के दुखों का गवाह और ज़ाहिर होने वाले जलाल में शरीक होकर उनको ये नसीहत करता हूँ |

2कि ख़ुदा के उस गल्ले की गल्लेबानी करो जो तुम में है; लाचारी से निगहबानी न करो, बल्कि ख़ुदा की मर्ज़ी के मुवाफ़िक ख़ुशी से और नाजायज़ नफ़े' के लिए नहीं बल्कि दिली शौक से |

3और जो लोग तुम्हारे सुपुर्द हैं उन पर हुकूमत न जताओ, बल्कि गल्ले के लिए नमूना बनो |

4और जब सरदार गल्लेबान ज़ाहिर होगा, तो तुम को जलाल का ऐसा सहरा मिलेगा जो मुरझाने का नहीं |

5ऐ जवानो ! तुम भी बुजुर्गों के ताबे' रहो, बल्कि सब के सब एक दूसरे की ख़िदमत के लिए फ़रोतनी से कमर बस्ता रहो, इसलिए कि "ख़ुदा मगरुरों का मुकाबला करता है, मगर फरोतनों को तौफीक बख्शता है |"

6पस ख़ुदा के मज़बूत हाथ के नीचे फ़रोतनी से रहो, ताकि वो तुम्हें वक़्त पर सरबलन्द करे |

7अपनी सारी फ़िक्र उसी पर डाल दो, क्यूँकि उसको तुम्हारी फ़िक्र है |

8तुम होशियार और बेदार रहो; तुम्हारा मुखालिफ़ इब्लीस गरजने वाले शेर-ए-बबर की तरह ढूँढता फिरता है कि किसको फाड़ खाए |

9तुम ईमान में मज़बूत होकर और ये जानकर उसका मुक़ाबला करो कि तुम्हारे भाई जो दुनिया में हैं ऐसे ही दुःख उठा रहे हैं

10अब ख़ुदा जो हर तरह के फज़ल का चश्मा है, जिसने तुम को मसीह में अपने अबदी जलाल के लिए बुलाया, तुम्हारे थोड़ी मुद्दत तक दुःख उठाने के बा'द आप ही तुम्हें कामिल और कायम और मज़बूत करेगा |

11हमेशा से हमेशा तक उसी की सल्तनत रहे | आमीन |

12मैंने सिल्वानुस की ज़रिये, जो मेरी दानिस्त में दियानतदार भाई है, मुख्तसर तौर पर लिख़ कर तुम्हें नसीहत की और ये गवाही दी कि खुदा का सच्चा फ़ज़ल यही है, इसी पर कायम रहो |

13जो बाबुल में तुम्हारी तरह बरगुज़ीदा है, वो और मेरा मरकुस तुम्हें सलाम कहते हैं |

14मुहब्बत से बोसा ले लेकर आपस में सलाम करो | तुम सबको जो मसीह में हो, इत्मीनान हासिल होता रहे |


  Share Facebook  |  Share Twitter

 <<  1 Peter 5 >> 


Bible2india.com
© 2010-2025
Help
Dual Panel

Laporan Masalah/Saran