Bible 2 India Mobile
[VER] : [HINDI]     [PL]  [PB] 
 <<  Isaiah 52 >> 

1हे सिय्‍योन, जाग, जाग! अपना बल धारण कर; हे पवित्र नगर यरूशलेम, अपने शोभायमान वस्‍त्र पहन ले; क्‍योंकि तेरे बीच खतनारहित और अशुद्ध लोग फिर कभी प्रवेश न करने पाएँगे।

2अपने ऊपर से धूल झाड़ दे, हे यरूशलेम, उठ; हे सिय्‍योन की बन्‍दी बेटी, अपने गले के बन्‍धन को खोल दे।

3क्‍योंकि यहोवा यों कहता है, “तुम जो सेंतमेंत बिक गए थे, इसलिये अब बिना रूपया दिए छुड़ाए भी जाओगे।

4प्रभु यहोवा यों कहता है: मेरी प्रजा पहले तो मिस्र में परदेशी होकर रहने को गई थी, और अश्‍शूरियों ने भी बिना कारण उन पर अत्‍याचार किया।

5इसलिये यहोवा की यह वाणी है कि मैं अब यहाँ क्‍या करूँ जब कि मेरी प्रजा सेंतमेंत हर ली गई है? यहोवा यह भी कहता है कि जो उन पर प्रभुता करते हैं वे उधम मचा रहे हैं, और मेरे नाम कि निन्‍दा लगातार दिन भर होती रहती है।

6इस कारण मेरी प्रजा मेरा नाम जान लेगी; वह उस समय जान लेगी कि जो बातें करता है वह यहोवा ही है; देखो, मैं ही हूँ।”

7पहाड़ों पर उसके पाँव क्‍या ही सुहावने हैं जो शुभ समाचार लाता है, जो शान्‍ति की बातें सुनाता है और कल्‍याण का शुभ समाचार और उद्धार का सन्‍देश देता है, जो सिय्‍योन से कहता हैं, “तेरा परमेश्‍वर राज्‍य करता है।”

8सुन, तेरे पहरूए पुकार रहे हैं, वे एक साथ जयजयकार कर रहें हैं; क्‍योंकि वे साक्षात् देख रहे हैं कि यहोवा सिय्‍योन को लौट रहा है।

9हे यरूशलेम के खण्‍डहरों, एक संग उमंग में आकर जयजयकार करो; क्‍योंकि यहोवा ने अपनी प्रजा को शान्‍ति दी है, उसने यरूशलेम को छुड़ा लिया है।

10यहोवा ने सारी जातियों के सामने अपनी पवित्र भुजा प्रगट की है; और पृथ्‍वी के दूर-दूर देशों के सब लोग हमारे परमेश्‍वर का किया हुआ उद्धार निश्‍चय देख लेंगे।

11दूर हो, दूर, वहाँ से निकल जाओ, कोई अशुद्ध वस्‍तु मत छुओ; उसके बीच से निकल जाओ; हे यहोवा के पात्रों के ढोनेवालो, अपने को शुद्ध करो।

12क्‍योंकि तुमको उतावली से निकलना नहीं, और न भागते हुए चलना पड़ेगा; क्‍योंकि यहोवा तुम्‍हारे आगे-आगे अगुवाई करता हुआ चलेगा, और इस्राएल का परमेश्‍वर तुम्‍हारे पीछे भी रक्षा करता चलेगा। परमेश्वर का कष्ट सहता सेवक

13देखो, मेरा दास बुद्धि से काम करेगा, वह ऊँचा, महान और अति महान हो जाएगा।

14जैसे बहुत से लोग उसे देखकर चकित हुए (क्‍योंकि उसका रूप यहाँ तक बिगड़ा हुआ था कि मनुष्‍य का सा न जान पड़ता था और उसकी सुन्‍दरता भी आदमियों की सी न रह गई थी),

15वैसे ही वह बहुत सी जातियों को पवित्र करेगा और उसको देखकर राजा शान्‍त रहेंगे; क्‍योंकि वे ऐसी बात देखेंगे जिसका वर्णन उनके सुनने में भी नहीं आया, और ऐसी बात उनकी समझ में आएगी जो उन्होंने अभी तक सुनी भी न थी।


  Share Facebook  |  Share Twitter

 <<  Isaiah 52 >> 


Bible2india.com
© 2010-2025
Help
Dual Panel

Laporan Masalah/Saran