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1फिर यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुँचा :

2“हे मनुष्‍य के सन्‍तान, अपना मुँह मागोग देश के गोग की ओर करके, जो रोश, मेशेक और तूबल का प्रधान है, उसके विरुद्ध भविष्‍यद्वाणी कर।

3और यह कह, हे गोग, हे रोश, मेशेक, और तूबल के प्रधान, परमेश्‍वर यहोवा यों कहता है : देख, मैं तेरे विरुद्ध हूँ।

4मैं तुझे घुमा ले आऊँगा, और तेरे जबड़ों में आँकड़े डालकर तुझे निकालूँगा; और तेरी सारी सेना को भी अर्थात् घोड़ों और सवारों को जो सबके सब कवच पहने हुए एक बड़ी भीड़ हैं, जो फरी और ढाल लिए हुए सबके सब तलवार चलानेवाले होंगे;

5और उनके संग फारस, कूश और पूत को, जो सबके सब ढाल लिए और टोप लगाए होंगे;

6और गोमेर और उसके सारे दलों को, और उत्तर दिशा के दूर दूर देशों के तोगर्मा के घराने, और उसके सारे दलों को निकालूँगा; तेरे संग बहुत से देशों के लोग होंगे।

7“इसलिये तू तैयार हो जा; तू और जितनी भीड़ तेरे पास इकट्ठी हों, तैयार रहना, और तू उनका अगुवा बनना।

8बहुत दिनों के बीतने पर तेरी सुधि ली जाएगी; और अन्‍त के वर्षों में तू उस देश में आएगा, जो तलवार के वश से छूटा हुआ होगा, और जिसके निवासी बहुत सी जातियों में से इकट्ठे होंगे; अर्थात् तू इस्राएल के पहाड़ों पर आएगा जो निरन्‍तर उजाड़ रहे हैं; परन्‍तु वे देश-देश के लोगों के वश से छुड़ाए जाकर सबके सब निडर रहेंगे।

9तू चढ़ाई करेगा, और आँधी के समान आएगा, और अपने सारे दलों और बहुत देशों के लोगों समेत मेघ के समान देश पर छा जाएगा।

10“परमेश्‍वर यहोवा यों कहता है, उस दिन तेरे मन में ऐसी-ऐसी बातें आएँगी कि तू एक बुरी युक्ति भी निकालेगा;

11और तू कहेगा कि मैं बिन शहरपनाह के गाँवों के देश पर चढ़ाई करूँगा; मैं उन लोगों के पास जाऊँगा जो चैन से निडर रहते हैं; जो सबके सब बिना शहरपनाह और बिना बेड़ों और पल्‍लों के बसे हुए हैं;

12ताकि छीनकर तू उन्‍हें लूटे और अपना हाथ उन खण्‍डहरों पर बढ़ाए जो फिर बसाए गए, और उन लोगों के विरुद्ध जाए जो जातियों में से इकट्ठे हुए थे और पृथ्‍वी की नाभी पर बसे हुए पशु और अन्य सम्‍पत्ति रखते हैं।

13शबा और ददान के लोग और तर्शीश के व्यापारी अपने देश के सब जवान सिंहों समेत तुझसे कहेंगे, ‘क्‍या तू लूटने को आता है? क्‍या तूने धन छीनने, सोना-चाँदी उठाने, पशु और और सम्‍पत्ति ले जाने, और बड़ी लूट अपना लेने को अपनी भीड़ इकट्टी की है?’

14“इस कारण, हे मनुष्‍य के सन्‍तान, भविष्‍यद्वाणी करके गोग से कह, परमेश्‍वर यहोवा यों कहता है, जिस समय मेरी प्रजा इस्राएल निडर बसी रहेगी, क्‍या तुझे इसका समाचार न मिलेगा?

15तू उत्तर दिशा के दूर दूर स्‍थानों से आएगा; तू और तेरे साथ बहुत सी जातियों के लोग, जो सबके सब घोड़ों पर चढ़े हुए होंगे, अर्थात् एक बड़ी भीड़ और बलवन्‍त सेना।

16जैसे बादल भूमि पर छा जाता है, वैसे ही तू मेरी प्रजा इस्राएल के देश पर ऐसे चढ़ाई करेगा। इसलिये हे गोग, अन्‍त के दिनों में ऐसा ही होगा, कि मैं तुझसे अपने देश पर इसलिये चढ़ाई कराऊँगा, कि जब मैं जातियों के देखते तेरे द्वारा अपने को पवित्र ठहराऊँ, तब वे मुझे पहिचान लेंगे।

17“परमेश्‍वर यहोवा यों कहता है, क्‍या तू वही नहीं जिसकी चर्चा मैंने प्राचीनकाल में अपने दासों के, अर्थात् इस्राएल के उन भविष्‍यद्वक्‍ताओं द्वारा की थी, जो उन दिनों में वर्षों तक यह भविष्‍यद्वाणी करते गए, कि यहोवा गोग से इस्राएलियों पर चढ़ाई कराएगा?

18जिस दिन इस्राएल के देश पर गोग चढ़ाई करेगा, उसी दिन मेरी जलजलाहट मेरे मुख से प्रगट होगी, परमेश्‍वर यहोवा की यही वाणी है।

19मैंने जलजलाहट और क्रोध की आग में कहा कि निःसन्‍देह उस दिन इस्राएल के देश में बड़ा भुईडोल होगा।

20और मेरे दर्शन से समुद्र की मछलियाँ और आकाश के पक्षी, मैदान के पशु और भूमि पर जितने जीव-जन्‍तु रेंगते हैं, और भूमि के ऊपर जितने मनुष्‍य रहते हैं, सब काँप उठेंगे; और पहाड़ गिराए जाएँगे; और चढ़ाइयाँ नाश होंगी, और सब भीतें गिरकर मिट्टी में मिल जाएँगी।

21परमेश्‍वर यहोवा की यह वाणी है कि मैं उसके विरुद्ध तलवार चलाने के लिये अपने सब पहाड़ों को पुकारूँगा और हर एक की तलवार उसके भाई के विरुद्ध उठेगी।

22मैं मरी और खून के द्वारा उससे मुकद्दमा लड़ूँगा; और उस पर और उसके दलों पर, और उन बहुत सी जातियों पर जो उसके पास होंगी, मैं बड़ी झड़ी लगाऊँगा, और ओले और आग और गन्‍धक बरसाऊँगा।

23इस प्रकार मैं अपने को महान और पवित्र ठहराऊँगा और बहुत सी जातियों के सामने अपने को प्रगट करूँगा। तब वे जान लेंगी कि मैं यहोवा हूँ।


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