1मेरे प्रभु से यहोवा की वाणी यह है, “तू मेरे दाहिने हाथ बैठ, जब तक मैं तेरे शत्रुओं को तेरे चरणों की चौकी न कर दूँ।”
2तेरे पराक्रम का राजदण्ड यहोवा सिय्योन से बढ़ाएगा। तू अपने शत्रुओं के बीच में शासन कर।
3तेरी प्रजा के लोग तेरे पराक्रम के दिन स्वेच्छाबलि बनते हैं; तेरे जवान लोग पवित्रता से शोभायमान, और भोर के गर्भ से जन्मी हुई ओस के समान तेरे पास हैं।
4यहोवा ने शपथ खाई और न पछताएगा, “तू मेल्कीसेदेक की रीति पर सर्वदा का याजक है।”
5प्रभु तेरी दाहिनी ओर होकर अपने क्रोध के दिन राजाओं को चूर कर देगा।
6वह जाति-जाति में न्याय चुकाएगा, रणभूमि शवों से भर जाएगी; वह लम्बे चौड़े देश के प्रधान को चूर-चूर कर देगा।
7वह मार्ग में चलता हुआ नदी का जल पीएगा इस कारण वह सिर को ऊँचा करेगा।