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1इस प्रकार सब इस्राएली अपनी अपनी वंशावली के अनुसार, जो इस्राएल के राजाओं के वृतान्‍त की पुस्‍तक में लिखी हैं, गिने गए। और यहूदी अपने विश्‍वासघात के कारण बन्‍धुआई में बेबीलोन को पहुँचाए गए।

2बन्‍धुआई से लौटकर जो लोग अपनी अपनी निज भूमि अर्थात् अपने नगरों में रहते थे, वह इस्राएली, याजक, लेवीय और मन्दिर के सेवक थे।

3और यरूशलेम में कुछ यहूदी; कुछ बिन्‍यामीन, और कुछ एप्रैमी, और मनश्‍शेई, रहते थे:

4अर्थात् यहूदा के पुत्र पेरेस के वंश में से अम्‍मीहूद का पुत्र ऊतै, जो ओम्री का पुत्र, और इम्री का पोता, और बानी का परपोता था।

5और शीलोइयों में से उसका जेठा पुत्र असायाह और उसके पुत्र।

6और जेरह के वंश में से यूएल, और इनके भाई, ये छः सौ नब्‍बे हुए।

7फिर बिन्‍यामीन के वंश में से सल्‍लू जो मशुल्‍लाम का पुत्र, होदय्‍याह का पोता, और हस्‍सनूआ का परपोता था।

8और यिब्रिय्‍याह जो यरोहाम का पुत्र था, और एला जो उज्‍जी का पुत्र, और मिक्री का पोता था, और मशुल्‍लाम जो शपत्‍याह का पुत्र, रूएल का पोता, और यिब्‍निय्‍याह का परपोता था;

9और इनके भाई जो अपनी अपनी वंशावली के अनुसार मिलकर नौ सौ छप्‍पन। ये सब पुरुष अपने अपने पितरों के घरानों के अनुसार पितरों के घरानों में मुख्‍य थे।

10और याजकों में से यदायाह, यहोयारीब और याकीन,

11और अजर्याह जो परमेश्‍वर के भवन का प्रधान और हिलकिय्‍याह का पुत्र था, यह मशुल्‍लाम का पुत्र, यह सादोक का पुत्र, यह मरायोत का पुत्र, यह अहीतूब का पुत्र था;

12और अदायाह जो यरोहाम का पुत्र था, यह पशहूर का पुत्र, यह मल्‍कियाह का पुत्र, यह मासै का पुत्र, यह अदोएल का पुत्र, यह जेरा का पुत्र, यह मशुल्‍लाम का पुत्र, यह मशिल्‍लीत का पुत्र, यह इम्‍मेर का पुत्र था;

13और इनके भाई थे, जो अपने अपने पितरों के घरानों में सत्रह सौ साठ मुख्‍य पुरुष थे, वे परमेश्‍वर के भवन की सेवा के काम में बहुत निपुण पुरुष थे।

14फिर लेवियों में से मरारी के वंश में से शमायाह जो हश्‍शूव का पुत्र, अज्रीकाम का पोता, और हशव्‍याह का परपोता था;

15और बकबक्‍कर, हेरेश और गालाल और आसाप के वंश में से मत्‍तन्‍याह जो मीका का पुत्र, और जिक्री का पोता था;

16और ओबद्याह जो शमायाह का पुत्र, गालाल का पोता और यदूतून का परपोता था, और बेरेक्‍याह जो आसा का पुत्र, और एल्‍काना का पोता था, जो नतोपाइयों के गाँवों में रहता था।

17और द्वारपालों में से अपने अपने भाईयों सहित शल्‍लूम, अक्‍कूब, तल्‍मोन और अहीमान, उन में से मुख्‍य तो शल्‍लूम था।

18और वह अब तक पूर्व ओर राजा के फाटक के पास द्वारपाली करता था। लेवियों की छावनी के द्वारपाल ये ही थे।

19और शल्‍लूम जो कोरे का पुत्र, एब्‍यासाप का पोता, और कोरह का परपोता था, और उसके भाई जो उसके मूलपुरुष के घराने के अर्थात् कोरही थे, वह इस काम के अधिकारी थे, कि वे तम्‍बू के द्वारपाल हों। उनके पुरखा तो यहोवा की छावनी के अधिकारी, और पैठाव के रखवाले थे।

20प्राचीन काल में एलीआज़र का पुत्र पीनहास जिसके संग यहोवा रहता था वह उनका प्रधान था।

21मेशेलेम्‍याह का पुत्र जकर्याह मिलापवाले तम्‍बू का द्वारपाल था।

22ये सब जो द्वारपाल होने को चुने गए, वह दो सौ बारह थे। ये जिनके पुरखाओं को दाऊद और शमूएल दर्शी ने विश्‍वासयोग्‍य जानकर ठहराया था, वह अपने अपने गाँव में अपनी अपनी वंशावली के अनुसार गिने गए।

23सो वे और उनकी सन्‍तान यहोवा के भवन अर्थात् तम्‍बू के भवन के फाटकों का अधिकार बारी बारी रखते थे।

24द्वारपाल पूर्व, पश्‍चिम, उत्‍तर, दक्षिण, चारों दिशा की ओर चौकी देते थे।

25और उनके भाई जो गाँवों में रहते थे, उनको सात सात दिन के बाद बारी बारी से उनके संग रहने के लिये आना पड़ता था।

26क्‍योंकि चारों प्रधान द्वारपाल जो लेवीय थे, वे विश्‍वासयोग्‍य जानकर परमेश्‍वर के भवन की कोठरियों और भण्‍डारों के अधिकारी ठहराए गए थे।

27और वे परमेश्‍वर के भवन के आसपास इसलिये रात बिताते थे, कि उसकी रक्षा उन्‍हें सौंपी गई थी, और भोर-भोर को उसे खोलना उन्‍हीं का काम था।

28और उन में से कुछ उपासना के पात्रों के अधिकारी थे, क्‍योंकि ये गिनकर भीतर पहुँचाए , और गिनकर बाहर निकाले भी जाते थे।

29और उन में से कुछ सामान के, और पवित्रस्‍थान के पात्रों के, और मैदे, दाखमधु, तेल, लोबान और सुगन्‍धद्रव्‍यों के अधिकारी ठहराए गए थे।

30और याजकों के पुत्रों में से कुछ सुगन्‍धद्रव्‍यों के मिश्रण तैयार करने का काम करते थे।

31और मतित्‍याह नाम एक लेवीय जो कोरही शल्‍लूम का जेठा था उसे विश्‍वासयोग्‍य जानकर तवों पर बनाई हुई वस्‍तुओं का अधिकारी नियुक्‍त किया था।

32और उसके भाईयों अर्थात कहातियों में से कुछ तो भेंटवाली रोटी के अधिकारी थे, कि हर एक विश्रामदिन को उसे तैयार किया करें।

33और ये गवैये थे जो लेवीय पितरों के घरानों में मुख्‍य थे, और मन्दिर में रहते, और अन्य सेवा के काम से छूटे थे; क्‍योंकि वे रात-दिन अपने काम में लगे रहते थे।

34ये ही अपनी अपनी पीढ़ी में लेवियों के पितरों के घरानों में मुख्‍य पुरुष थे, ये यरूशलेम में रहते थे।

35और गिबोन में गिबोन का पिता योएल रहता था, जिसकी पत्‍नी का नाम माका था।

36उसका जेठा पुत्र अब्‍दोन हुआ, फिर सूर, कीश, बाल, नेर, नादाब,

37गदोर, अह्मो, जकर्याह और मिल्‍कोत।

38और मिल्‍कोत से शिमाम उत्‍पन्न हुआ और ये भी अपने भाईयों के सामने अपने भाईयों के संग यरूशलेम में रहते थे।

39और नेर से कीश, कीश से शाऊल, और शाऊल से योनातान, मल्‍कीश, अबीनादाब और एशबाल उत्‍पन्न हुए।

40और योनातान का पुत्र मरीब्‍बाल हुआ, और मरीब्‍बाल से मीका उत्‍पन्न हुआ।

41और मीका के पुत्र पीतोन, मेलेक, तह्रे और अहाज थे।

42और अहाज से यारा और यारा से आलेमेत, अजमावेत और जिम्री, और जिम्री से मोसा,

43और मोसा से बिना उत्‍पन्न हुआ और बिना का पुत्र रपायाह हुआ, रपायाह का एलासा, और एलासा का पुत्र आसेल हुआ।

44और आसेल के छः पुत्र हुए जिनके ये नाम थे, अर्थात् अज्रीकाम, बोकरू, यिश्‍माएल, शार्याह, ओबद्याह और हनान; आसेल के ये ही पुत्र हुए।


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